

(जावेद खान ब्यूरो पन्ना):- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा समस्त जिलों की आगामी 20 वर्षों की आवश्यकता के दृष्टिगत समग्र विकास कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश के परिपालन में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। इस मौके पर विभिन्न विभागों द्वारा प्रेषित प्रस्तावों पर चर्चा कर उपस्थित जनप्रतिनिधियों से आवश्यक सुझाव प्राप्त किए गए। बैठक में विधायक प्रह्लाद सिंह लोधी एवं राजेश वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष मीना राजे, नपाध्यक्ष मीना पाण्डेय, नगर परिषद अजयगढ़ की अध्यक्ष सीता गुप्ता, नगर परिषद पवई के अध्यक्ष बसंत दहायत सहित अन्य नगरीय निकायों के अध्यक्ष व सांसद खजुराहो एवं पन्ना विधायक प्रतिनिधि, कलेक्टर सुरेश कुमार, जिला पंचायत सीईओ संघ प्रिय, डीएफओ उत्तर वनमंडल गर्वित गंगवार, उप संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व मोहित सूद और संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
बैठक में पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अनंतिम रूप से तैयार प्रस्ताव एवं कार्ययोजना से जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया। इसके अलावा आगामी एक सप्ताह में जनप्रतिनिधियों से प्राप्त लिखित प्रस्ताव व सुझाव के आधार पर कार्ययोजना को अंतिम रूप देने की कार्यवाही की जाएगी। संपन्न हुई बैठक के दौरान पन्ना जिले में भविष्य की आवश्यकताओं के दृष्टिगत जरूरी विकास कार्यों और अन्य कार्ययोजना तथा रोजगार की संभावनाओं के मद्देनजर की जाने वाली कार्यवाहियों के संबंध में चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों द्वारा आंवला प्रसंस्करण इकाई की स्थापना, दिव्यांग बच्चों की आवश्यकताओं के अनुसार शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन, पर्यटन संभावना, प्राचीन महत्व के तालाबों के सौन्दर्यीकरण सहित पन्ना नेशनल पार्क के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने, हस्तनिर्मित उत्पादों को बढ़ावा देने के प्रयास, प्राकृतिक व ऑर्गेनिक खेती की जरूरत व मार्केट तैयार करने सहित नगर में स्वच्छता के लिए जरूरी प्रयास तथा अंडर ग्राउंड इलेक्ट्रिफिकेशन, पर्यटन व धार्मिक महत्व के क्षेत्रों में रोपवे व लाइट एंड साउण्ड शो के संचालन तथा नालों और वॉटर फॉल इत्यादि पर स्टॉप डैम के निर्माण के संबंध में चर्चा की गई।
डीएमएफ के कार्यों के संबंध में भी दिए प्रस्ताव
समग्र कार्ययोजना की बैठक उपरांत डीएमएफ फण्ड के उपयोग के संबंध में आयोजित बैठक में जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों द्वारा जिला खनिज मद से विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए प्रस्ताव दिया गया। शासन के निर्देशानुसार डीएमएफ मद से प्राथमिकता अनुसार सामाजिक क्षेत्र तथा उच्च प्राथमिकता वाले आठ क्षेत्रों क्रमशः स्वच्छता, कौशल विकास, वृद्ध एवं निःशक्तजन कल्याण, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य की देखभाल, पेयजल प्रदाय और पर्यावरण संरक्षण व प्रदूषण नियंत्रण के उपायों संबंधी कार्यों पर आवश्यक चर्चा की गई।





